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अपने जन्मदिन पर भूलकर भी नहीं करने चाहिए ये काम, वरना शनिदेव बन जाते हैं दुश्मन


हर किसी व्यक्ति का जन्मदिन साल में एक बार आता है। सभी को अपना जन्मदिन मानना भी बहुत अच्छा लगता है। अपने जन्मदिन को ख़ास बनाने के लिए कई लोग तरह-तरह के उपाय भी करते हैं। कुछ लोग कुछ ज्यादा ख़ास बनाने के चक्कर में कई अक्षम्य गलतियाँ भी कर देते हैं, जिसका घातक परिणाम उन्हें पुरे वर्ष भुगतना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जन्मदिन से ही व्यक्ति के पुरे साल की कुंडली तय होती है।

पूरा साल हो जाता है बर्बाद:

जो भी व्यक्ति अपने इस ख़ास दिन को अच्छे से मनाता है, उसके आने वाले पुरे साल खुशियों से भरे होते हैं। कई बार कुछ लोग कुछ ऐसे काम कर देते हैं, जिससे उनके ग्रह अनुकूल नहीं होते हैं, इससे पूरा साल ही बर्बाद हो जाता है। इसलिए कुछ ऐसे कामों के बारे में बताया गया है, जिन्हें अपने जन्मदिन के दिन किसी को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से शनिदेव उनके दुश्मन बन जाते हैं।

जन्मदिन के दिन ना करें यह काम:

*- कुछ लोग जन्मदिन की पार्टी में शराब का सेवन जरुर करते हैं। शायद वह यह नहीं जानते हैं कि ऐसा करने से शनिदेव अप्रसन्…
_कुंडली में सप्तम भाव पति-पत्नी एवं व्यापार [7-तुला] से सम्बंधित है l_
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*🕉 कुंडली-में-सप्तम-भाव ✡*
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🔺सप्तम भाव "काम-त्रिकोण" का दूसरा ∆ त्रिकोण कहलाता है l काम त्रिकोण में तृतीय भाव पुं.जातक का बल (वीर्य) रूप होता है और जैसा कि ∆ त्रिकोण के नाम से ही पता चलता है कि काम अर्थात कामवासना का मूल या जड़ ...अर्थात वीर्य तृतीय भाव होता है इसलिए तृतीय भाव काम त्रिकोण का पहला भाव होता है इसी प्रकार दूसरा काम त्रिकोण सप्तम भाव अर्थात हमारी पत्नी (कामिनी) जो कि काम अर्थात वीर्य की सहायक होती है और इसी तरह तीसरा काम त्रिकोण इच्छा पूर्ति 11th का होता है अब काम त्रिकोण के चक्र को आप इस तरह समझ सकते हैं 🔺जैसे वीर्य यानी तृतीय की उत्पत्ति होती है.. तो 🔺सप्तम अर्थात पत्नी उसे ग्रहण करती हैं 🔺जिसके फलस्वरूप हमारी इच्छा यानी कि 11वां भाव पूरा हो जाता है l इसी तरह "काम-त्रिकोण" का चक्र चलता रहता है |
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🔺सप्तम भाव मुख्य रूप से सहयोगी का कहा जाता है और एक सहयोगी हमारी पत्नी भी होती है, जो कि जीवन भर हमारे साथ सहयोग करके चल…
दोस्तो

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3 टेरो रिडिंग करवानी हो।
4 घर मे कोई भी पूजा पाठ करवाना हो ।
5 किसी समस्या का समाधान करवाना हो जैसे मांगलिक दोष, कालसर्प दोष इत्यादि दोष।
6 वास्तु ठीक करवाने हो या वास्तु के टिप्स चाहिए हो।
7 वास्तु सामग्री या फेंगसुई की कोई सामग्री चाहिए हो।
8 कोई धार्मिक पुस्तक चाहिए हो।
9 रमल द्वारा तात्कालिक किसी प्रश्न का उत्तर जानना हो जो बार बार आप चलते- फिरते आप को परेशान कर रहा हो ।
10 अगर आप को कोई रत्न खरीदना हो ।
11 किसी भी प्रकार का कोई यंत्र लेना हो।
12 अंकज्योतिष के द्वारा किसी प्रश्न का उत्तर जानना हो।

*तथास्तू से ही सेवा कार्यो की सेवाएं क्यों ली जाए*

1 कोई भी पूजा पाठ ओर कर्म- काण्ड 100…